Thursday, October 29, 2020
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हिंदी साहित्य के रीति काल के कवियों में बिहारी का नाम महत्वपूर्ण है। जीवन परिचय हिंदी के महानकवि बिहारी जन्म १९०३ के लगभग ग्वालियर में हुआ था .उनके पिता का नाम केशवराय था .बिहारीलाल जी जाति से माथुर चौबे थे . उनका बचपन बुंदेलखंड में और उनकी युवा अवस्था मथुरा में व्यतीत हुआ .जिसे निम्न दोहे के माध्यम से व्यक्त किया जा...
  जो गय (प्राणों) की रक्षा करती है - वह गायत्री है। प्राण कहते हैं चैतन्यता एवं सजीवता को । हमारे भीतर जो गति, क्रिया, विचार शक्ति, विवेक एवं जीवन धारण करने वाला तत्व है- वह प्राण कहलाता है । इस प्राण के कारण ही हम जीवित हैं । प्राण शक्ति बढ़ाने, इसको सुरक्षित रखने, इसके निरर्थक व्यय/ ह्रास को...
आख़िर क्या है नेट न्यूट्रैलिटी ? नेट न्यूट्रैलिटी का मतलब हैं "इन्टरनेट तटस्थता , नेटवर्क तटस्थता" . Net Neutrality एक ऐसा सिधांत हैं जिसके अनुसार इन्टरनेट सेवा प्रदाता कम्पनी को सभी इन्टरनेट सेवाए बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध करानी होती हैं या कह सकते हैं की सभी वेबसाइटों या वेब एप्प  को विजिट करने का ग्राहकों को एक सामान डाटा चार्ज...
Some Wonderful Definitions कुछ अद्भुत परिभाषाएँ शादी (MARRIAGE) :यह एक समझौता है जिसमें एक आदमी  अपनी स्नातक की डिग्री खो देता है और एक औरत उसकी उत्तर स्नातक डिग्री प्राप्त कर लेती हैं . समझौता (COMPROMISE) : केक को बाँटने की तरह से एक कला जिसमे हर कोई सोचता हैं की उसे केक का बड़ा टुकड़ा मिला हैं . आंसू (TEARS) : एक ऐसा जलीय  बल है जिसके...
गणतंत्र दिवस 26 January in Hindi Republic Day समस्त भारतवासी २६ जनवरी को गणतन्त्र दिवस के रूप में बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाते हैं . यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व हैं . भारत में कुल 3 राष्ट्रिय पर्व हैं . 26 जनवरी 1950 के दिन हमारे देश का सविधान लागु हुआ था . इसी कारण हम हर साल की...
कौरव और पांडव सभी गुरु द्रोणाचार्य से धनुष विद्या ग्रहण कर रहे थे . वे सभी हमेशा बेहतर पर्दशन की कोशिश किया करते थे . इन सब के बीच गुरु द्रोणाचार्य के प्रिय शिष्य अर्जुन थे . एक बार गुरु द्रोणाचार्य ने सबकी परीक्षा लेने की सोची . उन्होंने आश्रम के पासके एक पेड़ की डाली पर एक मिट्टी से...
    गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे    Tulsidas ke Dohe   बसि कुसंग चाह सुजनता, ताकी आस निरास। तीरथहू को नाम भो, गया मगह के पास।।                                                      ‘तुलसी’ जे कीरति चहहिं, पर की कीरति खोइ।    ...
Kabir ke dohe कबीर दास जी के दोहे माया दीपक नर पतंग, भ्रमि भ्रमि ईवै पडंत। कहै कबीर गुरु ज्ञान ते, एक आध उबरंत॥ चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह। जिनको कछू न चाहिए, सोई साहंसाह॥ हीरा पड़ा बाज़ार में, रहा छार लपटाय। बहुतक मूरख चलि गए, पारख लिया उठाय॥ जहां दया तहं धर्म है, जहां लोभ तहं पाप। जहां क्रोध तहं काल है, जहां क्षमा आप॥ चलती चाकी...
How to become rich in Hindi ? how can i become rich in Hindi ? how can i become rich in India ? ये सब प्रश्न हमारे मन में आते रहते हैं .आइये इन प्रश्नों का उत्तर इस लेख के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं आज हर कोई आदमी जल्दी से जल्दी  धनवान बनना चाहता हैं , यह एक सार्वभौमिक सत्य...
रामकृष्ण परमहंस भारत के एक महान संत एवं विचारक थे. वे स्वामी विवेकानन्द के गुरु थे . उन्हें धर्म और अध्यात्म के विषय पर चर्चा करना बहुत ही अच्छा लगता था. इस कारण वे हमेशा विभिन्न मतों के संतो से मिलकर चर्चा करते थे. एक बार वे नागा गुरु तोतापुरी से चर्चा कर रहे थे . सर्दी के दिन थे...